Paytm Q2 Results: फिनटेक दिग्गज Paytm की पेरेंट कंपनी One97 Communications Ltd ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹21 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹930 करोड़ की तुलना में लगभग 98% घटा है। हालांकि, पिछले साल कंपनी को अपने मूवी और इवेंट टिकटिंग बिजनेस को Zomato को बेचने से ₹1,345 करोड़ का एकमुश्त गेन हुआ था, जिससे बेस इफेक्ट काफी बड़ा हो गया।
Paytm Q2 Results
तिमाही आधार पर भी Paytm के मुनाफे में गिरावट आई है। जून 2025 तिमाही के ₹123 करोड़ के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट 82.9% घटकर ₹21 करोड़ रह गया। हालांकि, ऑपरेटिंग स्तर पर कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी की EBITDA 95.8% बढ़कर ₹141 करोड़ रही, जो पिछले क्वार्टर की ₹72 करोड़ से लगभग दोगुनी है। EBITDA मार्जिन भी 3.8% से बढ़कर 6.8% पहुंच गया, जो लागत नियंत्रण और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार का संकेत देता है।
रेवेन्यू में 24% की मजबूती
Paytm Q2 Results के मुताबिक, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹2,061 करोड़ पहुंच गया है। तिमाही आधार पर यह 7% की बढ़त है। यह ग्रोथ कंपनी के फाइनेंशियल सर्विसेज और मर्चेंट पेमेंट सेगमेंट में मजबूती से आई है।
डिजिटल लोन डिस्ट्रीब्यूशन, यूपीआई पेमेंट और मर्चेंट सर्विसेज में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिससे रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई।
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ऑनलाइन गेमिंग बैन से Paytm को झटका
कंपनी को ऑनलाइन गेमिंग जॉइंट वेंचर First Games Technology Pvt Ltd में घाटा उठाना पड़ा। Paytm ने लगभग ₹190 करोड़ का एक्सेप्शनल चार्ज लिया, जो गेमिंग वेंचर को दिए गए लोन से जुड़ा है। Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 लागू होने के बाद दांव लगाकर खेले जाने वाले गेम्सपर प्रतिबंध लग गया, जिससे यह नुकसान हुआ। इसके चलते टैक्स से पहले मुनाफा ₹30 करोड़ रह गया, जो जून तिमाही में ₹126 करोड़ और पिछले साल ₹939 करोड़ था।
खर्चों और कैश फ्लो में सुधार से उम्मीद जगी
सितंबर 2025 तक की पहली छमाही में Paytm का ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹44 करोड़ पॉजिटिव रहा। पिछले साल यही आंकड़ा -₹390 करोड़ था, जो कंपनी के लिए एक अहम सुधार है। कंपनी की कुल एसेट्स ₹22,537 करोड़ तक बढ़ गईं, जो मार्च 2025 के ₹21,448 करोड़ से अधिक हैं।
खर्च के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूती दिखाई। कुल खर्च ₹2,062 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,245 करोड़ से कम है।
कर्मचारी लाभ खर्च ₹831 करोड़ से घटकर ₹663 करोड़ और मार्केटिंग खर्च ₹154 करोड़ से घटकर ₹122 करोड़ रह गया, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन बेहतर हुआ।
Paytm शेयर प्राइस
Paytm शेयर प्राइस मंगलवार को 0.45% गिरकर ₹1,269.00 पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में स्टॉक 46.54% चढ़ा है और एक साल में 68.93% का रिटर्न दिया है। हालांकि, यह अब भी अपने IPO लिस्टिंग प्राइस से करीब 18.70% नीचे ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹80,900 करोड़ है।
एनालिस्टों का मानना है कि Paytm का फोकस लागत घटाने और डिजिटल इकोसिस्टम बढ़ाने पर रहेगा। आने वाले महीनों में अगर रेगुलेटरी वातावरण स्थिर रहा, तो कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो को और मजबूत कर सकती है।
निष्कर्ष
हालांकि Paytm Q2 Results में मुनाफे में तेज गिरावट देखने को मिली, लेकिन रेवेन्यू, EBITDA और ऑपरेटिंग कैश फ्लो में सुधार कंपनी के स्थिर होते बिजनेस मॉडल को दर्शाता है। डिजिटल पेमेंट्स और लोन डिस्ट्रीब्यूशन में बढ़ती पकड़ के साथ Paytm आने वाले क्वार्टर्स में फिर से ग्रोथ मोड में लौट सकता है।











